mera pahla gay anubhav part 3

बस में गांडू ३
दोस्तों आपने इस कहानी के दो भाग पढ़े कैसे लगे ये नहीं बताया , पर मै अभी आपलोगों तक अपनी सच्ची कथाये पहुचाने का वादा कर चुका हू इसलिए मै इस कहानी का तीसरा भाग लेकर उपस्थित हू, पढ़े और इंजॉय करे.
मै राकेश के घर के बाहर ही उसका इंतजार करता रहा , लगभग १५ मिनिट में वो अपनी मोटर साईकिल पे आया और मुझे बहार खड़ा देख कर खुश हो गया.और मोटर साईकिल खड़ी करके मुझे अपने कमरे में ले गया , उसका कमरा अंदर की तरफ एकांत में था ,कमरे में एक बेड और अलमारी में कुछ कपडे और एक टीवी सोफा वगैरा था ,मै उसके सोफे में बैठ गया उसने रसोई में जाकर मेरे लिए चाय बनाई और दो कप में लेकर आया , हमलोगों ने इधर उधर की बाते की और चाय पिने के बाद मै बोला की अब मै जाऊ, वो मेरे पास आकर बोला जाने के पहले कुछ मजे तो लेते जाओ मैंने कहा ठीक है वैसे मै आया तो इसीलिए था , इतना कहते ही उसने मुझे अपने से जोर से चिपका लिया और मेरे मुह को कई बार चूमा मुझे बड़ा अजीब लगा इसके पहले इस तरह से किसी हम उम्र ने मुझे नहीं चूमा था हा मै किसिंग कई लड़कियों के साथ कर चुका था पर ये मुझे अजीब तो लगा पर अच्छा भी . मैंने अपने को उसके हवाले कर दिया वो मुझे चुमते हुए एक हाथ से मेरे कपडे भी निकलने लगा मेरी शर्ट उतार दी ,मेरी बनियान उतार दी मेरी बेल्ट भी खोल दी और मेरे जांघिये में हाथ डाल कर मेरे लंड को पकड़ लिया जो तक़रीबन तक़रीबन खड़ा ही हो चुका था, उसने मेरी जन्गीय निचे खिंच कर उतार दी और मुझे सोफे पे बैठने का इशारा किया मै सोफे पे नंगा बैठ गया तो उसने भी अपने कपडे जल्दी जल्दी उतार फेंके और मेरे पास आ गया , मै सोच रहा था की आज शायद इसकी गांड चोदने को मिलेगी. उसने मेरा ६ इंच का लंड गपाक सी मुह में पूरा एक बार में ही भर लिया तो मै सोफे की पुस्त पे सर रख कर गहरी गहरी सांसे लेते हुए अपने लंड की चुसाई का मजा लेने लगा. उसका लंड करीब ८ इंच का था और अभी तक ढीला था पर मुझे कोई इंटरेस्ट नहीं था मुझे तो खुद मजा लेना था वो अपने लंड की गर्मी कैसे शांत करेगा इसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी ,करीब ५ मिनिट तक मेरा लंड और बाल्स चूसने के बाद उसने कहा की मै घोड़ी की तरह पलट जाऊ तो वो निचे लेट कर लंड चूसेगा मै घोड़े की तरह पलट गया और दोनों हाथ सोफे की पुस्त पे टिका कर उसके मुह को चोदने लगा मुझे लगा जैसे की मै किसी बड़ी उम्र की छुट की चुदाई कर रहा हू, अब्ब एक हाथ से वो अपने लंड को खड़ा करने में लगा था पर उसने मुझे अब तक कुछ नहीं कहा था की मै उसके साथ कुछ करू जो करना था वो खुद कर रहा था , लगभग ५ मिनिट के बाद वो मेरे निचे से निकाल कर खड़ा हो गया और मै सोफे पे अपनी गांड लटका कर घोड़ी बन कर बैठा रहा उसने मेरी गांड में ऊँगली लगाई मै बोला की ये क्या कर रहे हो. वो बोला मै अभी तुम्हारी गांड चाटूँगा तब देखना तुम्हे कितना मजा आएगा , वास्तव में आज तक मेरी गांड में मेरे अलावा किसी ने हाथ भी भी नहीं लगाया था जीभ तो बहुत दूर की बात है पर उस समय जब उसने मेरी गांड को अपनी जीभ से स्पर्श किया न जाने मुझे अजीब सी सरसराहट मेरे शरीर में हुई और अची लगी अब तो वो मेरी गांड को जीभ से अंदर तक चाट रहा था दोनों हाथो से मेरे दोनों चूतडो को खोल कर जीभ जितनी अंदर तक जा सकती थी डाल रहा था और कभी कभी मेरे लौंड को पीछे निकाल कर चूसने लगता मै बिलकुल एक दूसरी ही दुनिया का सेक्स एन्जॉय कर रहा था और ऐसा अनुभव मैंने कभी नहीं लिया था की गांड चटवाने में भी इतना मजा आता है, मेरे मुह से आह आह की हलकी हलकी आवाजे निकलने लगी थी लगभग १५ मिनिट तक उसने मेरी गांड का छेद खूब गीला कर कर के मजे लिए अब्ब मुझे उन्माद सा चढ़ने लगा था,मेरे दिल ने कहा की एक बार इसका लंड भी पकड़ कर देखू कैसा लगता है वो तो मेरे सामने ही खड़ा था मैंने अपने हाथ में उसका लंड पकड़ कर उसकी टोपी निचे खींची , मुझे न जाने क्यों बहुत अच लगा और दिल किया उसको जोर जोर से दबाऊं और मुठ मारू. मैंने उसको जोरऔर मैंने उसको जोर जोर से दबाया भी उसके टोपे को अपने चहरे के पास लाकर ध्यान से देखा उसके लंड के छेद को उंगलियों से खोला उसकी चमड़ी निचे खींची ,वो आँखे बंद किया खड़ा मजे लेता रहा , उसका लंड बहुत मोटा हो गया था और फुल गया था लंड का टोपा बिलकुल लाल हो गया था ऐसा लगता था की बस दो चार मुठ और मरने से इसका पानी निकल जायेगा ,तब मैंने उसका लंड छोड दिया ,और उसको बोला की अब मेरे लंड का जूस निकल दे मुझे कम से जाना है ,वो बोला जब कम यहाँ का खतम कर लेना तब जाना ,अभी तो कम शुरू हुआ है , वो मुडा और अपनी अलमारी से एक नारियल के तेल की शीशी ले आया और उससे तेल निकल कर मेरे लंड पे अचे से लगाई और उसके बाद उसने अपनी गांड में भी तेल लगाया और दो ऊँगली अपनी गांड में डालकर धीरे धीरे चुदाई करने लगा तब मैंने उसके लंड को फिर से पकड़ कर हल्का हल्का मुठ मारना शुरू किया जब उसकी गांड थोड़ी खुल गई तो वो कुत्ते की तरह बेड पे जाकर खड़ा हो गया ,और मुझे बोला अब तुम मुझे चोदो , मै भी बेड पे गया और उसकी गांड का छेद देखा काफी सरे बल थे उसकी गांड में और उसकी गांड का छेद भूरे रंग का था , मैंने भी उसकी गांड में ऊँगली डाल दी और धीरे धीरे अंदर बहार करने लगा , वो एक हाथ से अपने लंड को मुठ भी मार रहा था लगभग ५ मिनिट उसकी गांड को ऊँगली से चोदने के बाद मैंने अपनी पोसितिओन बनाई और अपना लंड उसकी गांड के छेद पे रखकर दबाया तो उसने पीछे मुड़कर देखा और जोर से दन्त बंद किये ताकि जो दर्द की वजह से आवाज़ न निकले मैं लंड को दबाते दबाते पूरा ६ इंच उसकी गांड में डाल दिया. और हलके हलके दक्के लगाने लगा अब मै भी जन्नत में था और वो भी जन्नत में था. मुझे उसकी गांड को चोदने में इतना मजा आ रहा था जो कभी चुत चोदने में नहीं आया था , मैंने लगभग ५ मिनिट के बाद उसको चित्त लिटा कर उसकी गांड में लंड पेल दिया और पूरी ताकत से चुदाई चालू कर दी वो हलकी हलकी शिष्की लेता था पर आवाज़ नहीं निकलता था ,मै चोदते चोदते कभी उसके लंड को भी मुठ मरने लगता लगभग १० मिनिट की चढाई के बाद मुझे लगा की मै अब्ब झड जाऊंगा और उसको भी लगा की वो झड जायेगा तो बोला तुम अपना लंड गांड में मत खाली करना जब जूस निकले मेरे मुह में देना ,और इतना कहते ही उसके लंड ने जूस फ़ेंक दिया झटके ले ले कर जूस निकलता रहा मैंने इससे पहले किसी लंड का जूस निकलते भी नहीं देखा था केवल फिल्मो में ही देखा था ,और सामने जूस निकलते देखकर मै भी अपने चरम पे पहुच गया जल्दी से उसकी गांड से लंड निकल कर उसके मुह के पास किया पर जूस कण्ट्रोल नहीं हुआ आधा उसके गल पे गिरा और आधा उसके मुह में गया और जब तक जूस निकलता रहा वो अपने हाथ से दबा दबा कर निकलता रहा और चाट ता रहा उसने उंगलियों से गल का जूस भी पोंछ कर चाट लिया और अपने लंड का निकला हुआ जूस जो उसके पेट पे और झांटो में गिरा था वो भी चाट गया , मै थक कर वाही लेट गया थोड़ी देर बाद उसने मेरे लंड को फिर से सहलाया और कहा अगर न जाना हो तो अक्क बार और मजे ले ले पर मुझे तो कम से जाना था मैंने कहा फिर अगले रविवार को मै आऊंगा और रात भर रुकुंगा तब हमलोग रात भर मजे करेंगे . उसके बाद दोस्तों मैंने उसको अगले रविवार को कैसे चोदा और उसने मेरे को अपना लंड चुसवाया अगली कहानी में , पर कृपया आपलोग मुझे अगर मेरी सच्ची कहानी अची लगे तो मेल जरुर करे .ताकि मै और दिल से एक एक पल आपके सामने रख सकू , मै कोई लेखक नहीं तो मेरी लिखी हुई गलतियों को सुधर कर पढ़ ले ये कहानिया सिर्फ आपके मनोरंजन के लिए बता रहा हू क्युकी मै तू एन्जॉय कर ही चुका हू आप भी एन्जॉय करे
Gay.200948@gmail.com


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Categories: Gay Male
Posted by painlovercock
2 years ago    Views: 165
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